लुकमान खान के अवैध खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई किसान के खेत से लाखों की मिट्टी निकालने का मामला उजागर, पोकलेन मशीन जप्त
सीहोर/आष्टा — माखन चौहान
आष्टा क्षेत्र में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है, जहां कथित ठेकेदार लुकमान खान द्वारा ग्राम पंचायत चनोटा के किसान जय सिंह के खेत में बिना अनुमति भारी पैमाने पर मिट्टी और खनिज सामग्री की खुदाई की जा रही थी। किसान को समतलीकरण के नाम पर गुमराह कर खेत से लाखों रुपये की मिट्टी निकाल ली गई थी।
मामले की जानकारी मधुर भारत समाचार के संवाददाता द्वारा जिला खनिज विभाग, एसडीएम और तहसीलदार को देने के बाद प्रशासन तुरंत एक्शन में आया और मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई की।

पोकलेन मशीन जप्त, कार्रवाई से मचा हड़कंप
शिकायत सही पाए जाने पर प्रशासनिक टीम ने मौके से एक पोकलेन मशीन जप्त की। स्थानीय स्रोत बताते हैं कि यह इलाका लंबे समय से अवैध खनन का हॉटस्पॉट बना हुआ था, जहां कथित रूप से लुकमान खान द्वारा लगातार मिट्टी की खुदाई कर बड़ी मात्रा में माल निकाला जा रहा था।
“फ्रंट पेज पर छाप देना… प्रशासन मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता”— लुकमान का घमंड चकनाचूर
सूत्रों के अनुसार, लुकमान खान ने पत्रकारों से बातचीत में घमंड भरे लहजे में दावा किया था—
“अवैध खनन की खबर फ्रंट पेज पर छाप देना… प्रशासन मेरी जेब में है, कोई कुछ नहीं कर सकता।”
लेकिन प्रशासन की त्वरित और सख्त कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि कानून किसी की जेब में नहीं होता।
01.. सीहोर प्रशासन का कड़ा संदेश
इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में अवैध खनन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे आरोपी की पहुंच जितनी भी ऊँची क्यों न हो, खनन माफिया पर प्रशासन पूरी तरह सक्षम है।
निशा चौधरी, सब-इंस्पेक्टर, खनिज विभाग, सीहोर
“आपके द्वारा ग्राम चनोटा में अवैध खनन की जो जानकारी दी गई थी, आज मौके पर अवैध खनन पाया गया। एक पोकलेन मशीन जप्त की गई है। किसान जय सिंह ने बताया कि लुकमान खान अवैध खुदाई कर रहा था। आरोपी पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी।”
जय सिंह, किसान, ग्राम चनोटा
“मेरे खेत में समतलीकरण के नाम पर लुकमान खान बिना किसी अनुमति के खुदाई कर रहा था। वह मुझे झूठ बोल रहा था कि उसने प्रशासन से परमिशन ले रखी है। जब मुझे पता चला कि कोई परमिशन नहीं है, तो मैंने तुरंत खुदाई बंद करवाई।”
निष्कर्ष
अवैध खनन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ यह कार्रवाई प्रशासन की गंभीरता और तत्परता को दर्शाती है। चनोटा की घटना यह संदेश देती है कि अब जिले में अवैध खनन करने वालों के दिन गिन चुके हैं।
02… धींगाखेड़ी, जिला सीहोर
धींगाखेड़ी आंगनवाड़ी केंद्र बना आदर्श मॉडल

कार्यकर्ता रंजना मालवीय और सहायिका शारदा चौहान का उल्लेखनीय योगदान
धींगाखेड़ी का आंगनवाड़ी केंद्र आज आसपास के क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। बच्चों की देखभाल, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा में संस्था ने जिस तरह नई मिसालें कायम की हैं, वह सराहनीय है। केंद्र की कार्यकर्ता रंजना मालवीय और सहायिका शारदा चौहान अपने समर्पण, मेहनत और नवाचारपूर्ण कार्यशैली के लिए विशेष रूप से चर्चा में हैं।
खेल-खेल में सीखने का सुव्यवस्थित माहौल
केंद्र में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को ध्यान में रखकर गतिविधियाँ कराई जाती हैं।
चित्र पहचान
अक्षर-पहचान
तालबद्ध खेल
रोचक पहेलियाँ
छंद व गीत
रचनात्मक गतिविधियाँ
इनके माध्यम से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ रही है और उनका आत्मविश्वास विकसित हो रहा है।
नियमित गतिविधियों से बच्चों का समग्र विकास
आंगनवाड़ी में प्रतिदिन—
खेलकूद
रंग भरने
संवाद कौशल विकास
नैतिक शिक्षा
समूह गतिविधियाँ
जैसी गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं। परिणामस्वरूप यहाँ से निकलने वाले बच्चे प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश के साथ ही बेहतर प्रदर्शन करते दिखाई देते हैं।
बालिका कोमल की सफलता केंद्र के लिए गौरव
केंद्र में अध्ययनरत बालिका कोमल पिता प्रेम सिंह ने खेलकूद और शिक्षा, दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल की हैं। कार्यकर्ता रंजना मालवीय और शारदा चौहान के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन ने उसकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थानीय ग्रामीणों ने की प्रशंसा
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र धींगाखेड़ी में बच्चों को
बेहतर शिक्षा,
पोषण,
अनुशासन
और सक्रिय वातावरण मिल रहा है, जो कई सरकारी विद्यालयों से कहीं बेहतर है। परिवारों का मानना है कि यहाँ दी जा रही गतिविधियाँ बच्चों के भविष्य को सशक्त बना रही हैं।
सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कार्य
रंजना मालवीय और शारदा चौहान ने यह साबित कर दिया है कि यदि निष्ठा, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य किया जाए तो सीमित संसाधनों में भी उच्च गुणवत्ता का माहौल तैयार किया जा सकता है।
उनके प्रयासों ने धींगाखेड़ी आंगनवाड़ी केंद्र को क्षेत्र का प्रेरणादायक मॉडल बना दिया है
03… संवाददाता – जितेन्द्र अलबेला

गोंडवाना की पावन धरा पर ‘किन्नर महाकुंभ’
राष्ट्रीय एकता और सेवा का संदेश
मंडला की ऐतिहासिक गोंडवाना धरती इन दिनों ‘अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन’ के भव्य आयोजन की आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो रही है।
15 नवंबर 2025 से आरंभ हुआ यह विराट समागम 25 नवंबर 2025 तक चलेगा, जिसमें देश भर से हजारों की संख्या में किन्नर समुदाय के लोग शामिल हो रहे हैं।
इसे किन्नर समाज का एक अद्वितीय ‘महाकुंभ’ माना जा रहा है।
🌼 सेवा और समर्पण की मिसाल
इस पावन अवसर पर पूज्य जुम्मी माँ जी की रोटी (भंडारा) सेवा का जिम्मा
ममता नायक और हसीना नायक (नैनपुर, मंडला) द्वारा संभाला जा रहा है।
इनके द्वारा आयोजित विशाल भंडारे में प्रतिदिन
हज़ारों संतों, महंतों और दूर–दूर से आए आगंतुकों के लिए भोजन की सुचारु व्यवस्था की जा रही है।
यह सेवा भाव न केवल उनके समर्पण का उदाहरण है, बल्कि समाज में प्रेम, एकता और मानवीयता का संदेश भी देता है।
यह आयोजन मात्र एक सम्मेलन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता का पर्व बन चुका है।
🎯 सम्मेलन का उद्देश्य
यह दस दिवसीय अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन निम्न उद्देश्यों पर केंद्रित है—
✔️ किन्नर समाज के सामाजिक स्थान पर मंथन
✔️ अधिकारों, सम्मान और पहचान को मजबूत करना
✔️ शिक्षा, नेतृत्व और मुख्यधारा में भागीदारी के उपाय
✔️ समाज में समावेशन और समान अवसरों पर चर्चा
गोंडवाना की यह पावन धरती एक ऐसा मंच बनी है जहाँ
समाज, अध्यात्म और सेवा की ऊर्जा एक साथ मिलकर एक नई दिशा दिखा रही है।
